नमस्कार आज सोमवार , नयी पुरानी हलचल में आप सभी का स्वागत हैं ।
कोई तो बात होती हैं हर लफ़्ज के कहे जाने में - कोई खास बात या कुछ और देखिये इन लिंक्स में -
असर हो रहा है -
माँ -विशाल चर्चित
समझ आई तो सिर्फ एक तू
तेरा प्यार - तेरी ममता और
तेरे आँचल की सुहानी छाँव....
पापा रहने दो नहीं समझोगे कभी ..
मनोहर चमोली
बहरहाल आपके इस बेटे का बेटा बहुत समझदार है
वह सब कुछ समझता है
इतना समझदार है की रात तब लौटता है
जब रात भी सो चुकी होती है.......
देखो फिर से नभ की ओर..
श्यामल सुमन
आग उगलता सूरज फिर भी,
नित ले आता भोर।।
देखो फिर से नभ की ओर।।
तेरे बिना बेस्वाद जी जिन्दगी.
विजय पाटनी
फिर मिलूँगी अगले सोमवार कुछ और लिंक्स के साथ तब तक के लिए इज़ाज़त दीजिये और सुनिए ये गाना
कोई तो बात होती हैं हर लफ़्ज के कहे जाने में - कोई खास बात या कुछ और देखिये इन लिंक्स में -
असर हो रहा है -
चिराग जोशी कहते हैं -
असर हो रहा है
तेरी आँखों में सिमटी मेरी उस तस्वीर का......माँ -विशाल चर्चित
समझ आई तो सिर्फ एक तू
तेरा प्यार - तेरी ममता और
तेरे आँचल की सुहानी छाँव....
पापा रहने दो नहीं समझोगे कभी ..
मनोहर चमोली
बहरहाल आपके इस बेटे का बेटा बहुत समझदार है
वह सब कुछ समझता है
इतना समझदार है की रात तब लौटता है
जब रात भी सो चुकी होती है.......
देखो फिर से नभ की ओर..
श्यामल सुमन
आग उगलता सूरज फिर भी,
नित ले आता भोर।।
देखो फिर से नभ की ओर।।
तेरे बिना बेस्वाद जी जिन्दगी.
विजय पाटनी
जिन्दा हूँ... खुद को भरमाये जा रहा हूँ
तेरे बिना बेस्वाद जी जिन्दगी ...खाए जा रहा हूँ
मै बस जीने की अपनी भूख, मिटायें जा रहा हूँ |.......
और पेश है आज का गाना -
" दीप्ति शर्मा "
असरदार लिंक्स के साथ धमाकेदार शुरुआत
ReplyDeleteसादर
यशोदा
बहुत अच्छी हलचल, लिंक्स अच्छे लगे.. (In fact , जब लिंक्स की संख्या कम (या इतनी रहती है) तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है की सारे लिंक्स पर जाकर समय बिता सकता हूँ.. ज्यादा लिंक्स होने पे सारे लिंक्स पे जा पाना संभव नहीं हो पता)..
ReplyDeleteप्रस्तुति सुन्दर लगी |
सादर
मधुरेश
और क्या गाना है ये जगजीत जी का.. जब भी सुनो, मन बचपन में खो जाता है.. आँखें भर भर आती है..!! :)
ReplyDeleteसादर
मधुरेश
सार्थक ...सुंदर प्रयास ...!!
ReplyDeleteसमृद्ध हो रही है हलचल ....
बहुत शुभकामनायें दीप्ति जी बढ़िया प्रयास ....!!
शुभ प्रभात .... !!
ReplyDeleteस्वागत है आपका और बहुत-बहुत बधाई .... !!
*तेरे बिना बेस्वाद जी जिन्दगी.* .... !!
संक्षिप्त पर रोचक हलचल..
ReplyDeleteरोचक सुंदर हलचल ,,,,,
ReplyDeleteRECENT POST ,,,,, काव्यान्जलि ,,,,, ऐ हवा महक ले आ,,,,,
आपका स्वागत है दीप्ति जी!
ReplyDeleteबहुत ही अच्छे लिंक्स दिये हैं आपने।
सादर
Awesome Links.. Abhar Deepti JI..!!
ReplyDeletesundar links.
ReplyDeletebadhiya halchal banayi hai apne..
:-)
बहुत ही अच्छे लिंक्स लिए आपकी प्रथम प्रस्तुति के साथ आपका भी स्वागत है ...
ReplyDeleteलिंक्स अच्छे हैं और गज़ल बहूऊउत अच्छी :)
ReplyDeleteरोचक लिंक ... और कमाल का गीत ...
ReplyDeleteChuninda links ke sath shandaar shuruwaat.. Shubhkamnayen...
ReplyDeleteरोचक और सार गर्भित |गाना बहुत अच्छा है |
ReplyDeleteआशा
संक्षिप्त हलचल . .. बहुत बढ़िया है लिंक्स का बाहुल्य और कोलाहल नहीं है यहाँ ब्लॉग के छोटे कलेवर के अनुरूप .बधाई !हलचल -
ReplyDeleteऔर यहाँ भी दखल देंवें -
सोमवार, 28 मई 2012
क्रोनिक फटीग सिंड्रोम का नतीजा है ये ब्रेन फोगीनेस