आप सभी को सदा का नमस्कार ...
आप सभी का स्वागत है बुधवार की इस हलचल में जिसमें नये लिंक्स तो हैं ही आप सभी के लिए पर दो ब्लॉग ऐसे भी शामिल हैं जिनकी पहली पोस्ट पर होगी आपकी नज़र ... जहां शब्दों के भाव एक हो गए हैं कुछ इस तरह ... हम मंजिल के मोड़ पर आकर रूके हुए से हैं ...जहां होता है कई बार .अनमने से मन को मनाना .. .मुझे अब कुछ नहीं चाहिए ... वक्त का साथ गर मिल जाए तो जिन्दगी के मायने बदल जाएं ... कुछ बुजुर्गों की नज़र इस राह से हटती नहीं ....
.... ये है इनके ब्लॉग की पहली पोस्ट ....
रे काले कउए से डरियो ...
शुभ दिन के साथ शुभकामनाएं ...

Nice
ReplyDeletesunder halchal ....
ReplyDeleteसशक्त पठन सूत्रों (लिंक)से सजी हलचल
ReplyDeleteहमारे 'क्रोध' को यहाँ उजागर करने का शुक्रिया!!:)
अच्छी हलचल...
ReplyDeleteस्थापित ब्लोगर्स की पहली रचना पढ़ कर अच्छा लगा...
शुक्रिया.
सस्नेह
वाह !!!!! बहुत सुंदर लिंक्स....
ReplyDeleteMY RESENT POST...काव्यान्जलि ...: तुम्हारा चेहरा,
आदरणीया सदा जी
ReplyDeleteबेहतरीन लिंक्स हैं।
सादर
achche links....
ReplyDeleteबहुत सुंदर लगा . आभार .
ReplyDeleteसार्थक हलचल ॥सभी लिंक्स बेहतरीन
ReplyDeleteलाजवाब हलचल ... शुक्रिया मुझे भी शामिल करने का ...
ReplyDeletebahut achhe links .
ReplyDeletebas pyaar ho gaya....halchal se....:)
ReplyDeleteलाजवाब हलचल ..हलचल में मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद..सदा जी..
ReplyDeletepyare sabhi lnks se parichay ho gya dhanyavad.
ReplyDeleteबढ़िया प्रस्तुति संयोजन और चयन सभी बढ़िया .
ReplyDeleteविविध रंगों से सजी आज कि हलचल के के लिए बधाई स्वीकार कीजिये सदा जी ! और मुझे स्थान देने के लिए अलग से आभार !
ReplyDeleteसुंदर हलचल... बढ़िया लिंक्स...
ReplyDeleteसादर आभार।
सदा जी , सदा की भांति सदाबहार हलचल के लिए बधाई..
ReplyDeleteबहुत बढ़िया हलचल और अंत में सामयिक व्यंग ..जाने क्या क्या छुपा कब बाहर आ जाय सुनकर अब तो बहुत आश्चर्य नहीं होता ...आदत से हो गयी है .. ..हश्र सभी देखते है ...
ReplyDeleteबहुत बढ़िया प्रस्तुति हेतु आभार
रोचक हलचल..
ReplyDeleteचकाचक हलचल.....
ReplyDeleteप्रभावशाली
ReplyDeleteमेरी रचना को हलचल में शामिल करने के लिए आपको हार्दिक धन्यवाद! बहुत ही प्रभावशाली और सार्थक हलचल रही आज की ।
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