नमस्कार! सबसे पहले तो हम बाधाई देते हैं आदरणीया अनुपमा जी को विश्व पुस्तक मेला नयी दिल्ली में आज उनके काव्यसंग्रह 'अनुभूति' के विमोचन के लिये और साथ ही आपको बताना चाहेंगे कि आज ही 'एक सांस मेरी'( आठ कवियों की प्रतिनिधि कविताओं का संग्रह) का विमोचन भी सुनिश्चित है जिसमे रश्मि आंटी के साथ मेरा भी सह सम्पादन है।
और आइये अब चलते हैं आज के लिंक्स की सैर पर --
(1)
कि वक़्त की चिंगारी...
मे दहक कर
किसी पत्थर पर अपने
मिलेगा यहीं कहीं
(2)
सुनने की ज़िद लिये
कुछ मुख़्तसर नज्में
(3)
किसी से
पर फिर भी
अपनी सलामती क़ी चाहत लिये
कभी कभी पढ़ लेता हूँ
(4)
तू धरती पर
ख़ुदा है माँ
(5)
वो अब लिख कर
समझ रहा हूँ मैं
(6)
देने एक संदेश
की तुलना व्यर्थ है
इस दौर में
और इस गाने के साथ दीजिये इजाज़त अपने दोस्त यशवंत माथुर को कल की हलचल के आने तक--


अनुपमा जी को बधाई!
ReplyDeleteएक सांस मेरी के लिए आपको, रश्मि जी को और शामिल कवियों को बधाई!
रश्मि प्रभा जी ,अनुपमा जी और यशवंत माथुर ,आप तीनो को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.... :) "काव्यसंग्रह" और "एक सांस मेरी" कोदेखने और पढने का इन्तजार है.... कहाँ मिलेगी.... ? आज नई-पुरानी कुछ ज्यादा ही हलचल मचा रही है.... खुशियाँ जो ज्यादा है...... !!
ReplyDeleteकविता संग्रह के विमोचन के लिए हार्दिक बधाई आप तीनों को
ReplyDeleteआज की हलचल कुछ विशिष्ठ हो गयी है |
आशा
bahut-bahut badhai.
ReplyDeleteअनुपमाजी को बधाई..सुन्दर सूत्र..
ReplyDeleteरश्मि प्रभा जी ,अनुपमा जी और यशवंत आपको बहुत बहुत बधाई............कोशिश है कि जल्द ही पुस्तक मेरे हाथ में हो...
ReplyDeleteआज की हलचल में हमारी रचना शामिल करने के लिए शुक्रिया...
लिंक्स अब देखते हैं...
सस्नेह..
सभी लिंक्स शानदार......
Deleteशुक्रिया यशवंत.
अनुपमा जी, रश्मि प्रभा जी व आप मेरी ढेर सारी बधाइयाँ व शुभकामनायें स्वीकार करें ! आज की हलचल भी बहुत खूबसूरत है ! मेरी लघु कथा को इसमें सम्मिलित करने के लिये आपका आभार एवं धन्यवाद !
ReplyDeleteअनुपमा जी, रश्मि जी और आपको बधाई। लिंक्स देखने अभी बाकी हैं।
ReplyDeletebahut bahut badhai aap sabhi ko....aaj halchal bhi badi acchi hai
ReplyDeleteaap sabhi jano ko bahut bahut badhaai...yashwant ji in shandar links ke sath aapne meri prawishti ko shamil kiya aapka shukriya..
ReplyDeleteअति उत्तम,सराहनीय हलचल,.
ReplyDeleteरश्मी जी,अनुपमा जी,को उनके पुस्तक विमोचन के लिए बहुत२ बधाई
मेरी रचना "चिंगारी" को हलचल में स्थान देंने के लिए,...यशवंत जी आभार
शुभकामनायें..
ReplyDeleteबढ़िया हलचल ..
kalamdaan.blogspot.in
आप तीनो को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई ......हलचल में स्थान देंने के लिए आभार ,शुभकामनायें !
ReplyDeleteबधाई आप तीनों को ... प्रकाशन पर और आपको इस लाजवाब हलचल के लिए ..
ReplyDeletepustak vimochan ke liye badhaii sweekar kare...bahut sundar links...meri rachna shamil karne ke liye shukriya..:)
ReplyDeletesundar links sanjoye hain yashvant ji.bahut bahut badhai.
ReplyDeleteआप सभी को बधाई.हलचल भी बढ़िया लगाईं है.
ReplyDeleteअच्छी हलचल... सुन्दर लिंक्स...
ReplyDeleteसादर आभार.
hamesa ki tarah behad rochak halchal rahi.....
ReplyDeleterochak kavyamay halchal..
ReplyDeleteबेहतरीन
ReplyDeleteबढ़िया हलचल,शुभकामनायें..
ReplyDeleteumda halchal,mubaark aap ko
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