नमस्कार! आज अनुपमा जी अपने शहर से बाहर हैं तो उनकी हलचल भी मैं ले कर आया हूँ ।
आप सभी का स्वागत है आज की हलचल मे इन खास लिंक्स के साथ --
आप सभी का स्वागत है आज की हलचल मे इन खास लिंक्स के साथ --
(1)
जिंदगी को
या मौत को
(2)
न जाने क्यों
(3)
जब हारेगा
(4)
बनाते हुए एक
किसी अनजान से
(5)
मगर यह
(6)
को हर रोज़
(7)
जानेकितने सपने
मौन खड़े थे,
(8)
सोच रहा हूँ
से ही पूछूं
(9)
आखिरी पड़ाव पर
कहिये तो कर दूँ
(11)
इंतज़ार है
एक चौकीदार का
(12)
मैं थी
कभी शाहरुख खान की
दीवानी ....
इसी के साथ इजाजत दीजिये यशवंत माथुर को सुनते हुए यह गाना --
सुंदर एवं सार्थक चयन।
ReplyDeleteआज की नई पुरानी हलचल में आपने कई लिंक्स के साथ अच्छी प्रस्तुति दी है यशवंत जी |पढाने के लिए पर्याप्त सामग्री है |
ReplyDeleteआशा
अच्छे-अच्छे लिंक्स की उम्दा प्रस्तुति ,हलचल मचा रही है
ReplyDelete.... :)
मेरी भी रचना को शामिल किया आपने शुक्रिया.......
ReplyDeleteयशवंत जी , सारे लिंक्स संयोजन बहुत ही सुन्दर हैं, और उनको शब्दों का जोड़ भी बहुत ही चयनित तरीके का दिया आपने ..........आभार बहुत -बहुत|
सप्ताहान्त की खुराक..
ReplyDeleteदिखने में तो यह छोटी साधारण पंक्तियों सी हलचल लगती है, लेकिन जिस तरह इसे सजाया गया ऐ, और काव्यात्मक भाव पिरोया गया है, उसके पीछे बहुत मेहनत छुपी हुई है।
ReplyDeletebahut hi sundar trike se sjaya gaya hai halchal ko,abhi 3 hi link par jaa paee hun,shaam ko aaram se sab dekhungi, mere blog ko bhi shaamil karne ka shukriya yashwant ji
ReplyDeleteलिंक्स को नए अंदाज़ में देने के लिए आभार यशवंत जी
ReplyDeleteसुंदर!
ReplyDeleteसुप्रभात यशवंत जी..
ReplyDeleteअभी पहुंची हूँ हलचल पर...सुन्दर प्रस्तुति..
हमारी रचना को मान देने के लिए आपका आभार...
लिंक्स अब देखते हैं...
सस्नेह..
देख लिए भई सभी लिंक्स ...
Deleteकाफी नये और अच्छे लिंक्स मिले इस बार...
शुक्रिया.
सुन्दर व रोचक लिंक्स
ReplyDeleteबेहतरीन हलचल...
आपका यह प्रयास सराहनीय है
ReplyDeleteबहुत ही बढि़या लिंक्स का चयन किया है आपने ...
ReplyDeleteबहुत ही रोचक अन्दाज़
ReplyDeleteबहुत बढ़िया लिंक्स के साथ सार्थक हलचल प्रस्तुति हेतु आभार!
ReplyDeletenamaskar yashvant ji
ReplyDeleteaapki links aur prastuti sadaiv acchi hoti hai ...........gane to baas yaad dila dete hai purane madhur sangeet ki ......bahut -bahut badhai .
hamen shamil karne ke liye abhar .
सभी लिंक्स पठनीय ... अच्छी हलचल ।
ReplyDeleteहलचल की एक और बेहतरीन प्रस्तुति जिससे मन गदगद हो गया...
ReplyDeleteसादर..!
बेहतरीन भाव पूर्ण सार्थक रचना,
ReplyDeleteआभार। अपने लिए ही नहीं,औरों के लिए भी।
ReplyDeleteअच्छे लिंक्स को प्रस्तुति करने के लिए बधाई ,.....
ReplyDeleteMY NEW POST ...सम्बोधन...
देर से आने के लिए माफी.. नेट फेल होगया था..मेरे खाली पन्ने को अथान देने के लिए आभार... सभी लिंक्स बहुत अच्छे है...
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