नमस्कार ...बड़े जल्दी आ जाता है शनिवार...!!और पूरे हफ्ते एहसास के समंदर में ..तैरती सी ...डूबती सी ...ज़िन्दगी की हलचल ....चलती रहती है ...!!पिछले हफ्ते कुछ बहुत अच्छा हुआ और कुछ बहुत खराब भी ...!!ऐसे ही हिचकोले खाती चलती है जीवन की नैया .....पर चिंता मत कीजिये ...ऐसे ही पार लगते हैं प्रभु ....
बहुत अलग-अलग एहसास देती है ये ज़िन्दगी ।हर इंसान के हिस्से हर रंग आता ही है ।क्या हम बच सकते हैं ...?कदापि नहीं ...!!लेकिन बचना भी क्यों है ...?चाहें हम बचें या डरें ...ज़िन्दगी नहीं डरती ...वो तो कुछ अजीब से रूप में हमारे सामने आती है ...!!और हमें डट कर मुकाबला करना पड़ता है ...!!तो चलिए अब आप लिंक्स पढ़ना शुरू कीजिये ...और अपने विचार दिए बिना मत जाइएगा ........
- एस.एन शुक्ल जी की बात माननी पड़ेगी...डरा कर इनसे ....
- मुश्किलों से निजात मुश्किल है ...कुसुमेश जी ...लाचार हैं हम सब ...
- आपकी एक पल की कविता हर पल के लिए काम आती है अनुपमा जी ...
- पूजा जी के गहन एहसास .......जिसे पढ़ कर उन एहसासों के समंदर में डूब जाने को जी करे............शी लव्ज़ मी नॉट................
- खूबसूरत रचना पढ़िए.. शास्त्री जी कहते हैं..........अब चमन अपना ठिकाना हो गया ...
- सुमन जी आपने ठीक लिखा है ...प्यार एहसास है शब्द नहीं ...
- गोंदियल जी ...जब प्यार में मन डूब गया तो ...नाम की क्या फिकर तुझको ...
- कुछ बातें आज तक समझ नहीं पाया मन ...कल्पना और यथार्थ में कुछ रिश्ता है भी या नहीं ...?
- जो भी हो मन हार जाये पर ... ..सपनो की कभी हार नहीं होती ...!!
- लेकिन ... यशवंत जी इस बसंत के मौसम में क्यों ...पतझड़ सा लगता है ....?
- उदास मत होइए ...यह कविता पढ़िए वजह मिल जाएगी जीने की ...
- अनामिका जी की बात मान ...एक कोशिश कर के देखिये ....!!
- साधना जी आपका डायरी का दूसरा पन्ना बहुत खूबसूरत है ...!!
- ज़रूर देखिये ..डॉ.दराल दिल्ली में गणतंत्र दिवस की अद्भुत छटा दिखा रहे हैं ....राजपथ पर ..
- अमृता जी ....ठण्ड जाने का नाम ही नहीं ले रही .....सूरज कहाँ छिपा है ...........उसे जगाओ.......!!
- आज बसंत पंचमी है ...माँ शारदा ....माँ सरस्वती को नमन ...और देवेन्द्र जी को जन्म दिवस की शुभकामनायें ....
आशा है आपको आज की हलचल पसंद आई होगी ...!!आज काम कम दिया है ।चाहूंगी आप पूरा लुत्फ़ उठायें...!!प्रभु से प्रार्थना है ...आपका पूरा हफ्ता बढ़िया बीते ...!!बसंत पंचमी की शुभकामनाओं के साथ ..
नमस्कार ...
anupama's sukrity से ...
अनुपमा त्रिपाठी ....

ज़िन्दगी की हलचल है, सुन्दर तो होगी ही!
ReplyDeleteबसंत पंचमी की शुभकामनाएं!
सुन्दर हलचल....बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
ReplyDeleteएहसास के समुन्दर में सबों को तैराती , लहरों के उतार-चढ़ाव दिखलाती आज की हलचल.... :)
ReplyDeleteबसंत पंचमी की शुभकामनाएं.... :):)
धन्यवाद अनुपमा जी मेरी डायरी का दूसरा पन्ना आपको अच्छा लगा ! आज की हलचल के सभी लिंक्स आकर्षक हैं ! वसन्त की हार्दिक शुभकामनायें ! साभार !
ReplyDeleteआज गहरी हलचल लेकर आयी है यह हलचल..
ReplyDeleteअनुपमा जी, सर्वप्रथम इस बढ़िया हलचल के लिए आपका आभार और आपको तथा सभी मित्रो को वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये !
ReplyDeleteबहुत ही बढि़या लिंक्स का चयन किया जिनके साथ मेरी रचना भी शामिल है ...आभार आपका
ReplyDeletebahut badhiya hulchal..
ReplyDeleteबसंत पंचमी और सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाये |
माँ शारदे को समर्पित मेरे ब्लॉग में १००वीं पोस्ट पर जरुर पधारें |
हे ज्ञान की देवी शारदे
वसंत पंचमी पर माँ शारदे को नमन अच्छी लिंक्स |
ReplyDeleteआशा
हलचल की गुदगुदाती सुबह सुरमई लगी...
ReplyDeleteएहसास के समंदर में तैरती कहाँ डूबती सी हलचल ... जाते हैं डूबकी लगाने ... आभार
ReplyDeleteबहुत सुन्दर,सार्थक प्रस्तुति।
ReplyDeleteऋतुराज वसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
हेर बार कुछ अलग , कुछ विशेष ...
ReplyDeleteआदरणीया अनुपमा जी ,
ReplyDeleteलगभग सभी लिंक्स देख लिए हैं।
आज की हलचल बहुत बढ़िया लगी।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
सादर
सुन्दर हलचल....बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
ReplyDeleteबहुत बेहतरीन और प्रशंसनीय.......
ReplyDeleteमेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
bahut badiya links ke sath sarthak halchal prastuti aur basant panchmi ki hardik shubhkamnayen!
ReplyDeleteसुन्दर प्रस्तुति । बसंत पंचमी की शुभकामनायें ।
ReplyDeleteबहुत बढ़िया ग़ज़ल सुनाई है । आभार ।
बहुत आभार- अच्छे लिन्क मिल गये आपकी इस प्रस्तुति से.
ReplyDeleteLaptop aur net ki samsya ke kaaran aapki halchal par
ReplyDeleteder se aa paya hu.deri ke liye kshma praarthi hun.
sundar halchal anupam geet ke liye aabhar.
basantotsav ki haardik shubhkamanayen.