Wednesday, November 9, 2011

चल मेरे घोड़े, हलचल मचाता चल, नन्हें मुन्नों के साथ!!!!

आप सभी का आज की हलचल में स्‍वागत है ... प्रत्‍येक माह के दूसरे बुधवार को सोचती हूं कुछ अलग तरीके से आपके सामने लाया जाए, जिसमें इस बार का प्रयास बाल रचनाकारों के ब्‍लॉग का जिक्र करते हुए है, उम्‍मीद है आप सभी का प्रोत्‍साहन इसके लिए रहेगा ...तो आइए देखते हैं कौन क्‍या कह रहा है ...
बालमन  पर पापा! गर मैं चिड़िया होता
बाल साहित्‍य की दुनिया में जाना है तो होकर आइए एक बार ... बचपन में ...
अजब अनोखा भूतों का त्‍योहार ... चैतन्‍य का कोना ... 
पाखी की दुनिया
  में देखें इनकी चर्चा है इन दिनों कहां-कहां .... 
मेरे नाम अनेक ...एक शिशु गीत ... नन्‍हें-मुन्‍ने
बाल दुनिया में जय हो वीर जवानों की ....
लाए हैं आप सभी के लिए शुभकामनाएं ... माधव
बाल झरोखा सत्‍यम की दुनिया सुनते हैं नानी से एक कथा ...
एक चुनमुन चिड़िया है जहां वो जगह है यहां ...
बच्‍चों का कोना
लाडली की जबानी सुनते हैं ...कितने पावन शब्‍दों का साया है मां से शुरू होते शब्‍द .....
दीवाली कैसे मनाई बता रहें हैं ... आपको जादू
नन्‍हें सुमन यह है आपका अपना बाल चर्चा मंच
प्‍यारी तितली है यहां .... नन्हे फरिश्तों के लिए;हम तो हर पल जिए:

दादी मां की कहानियां सुनकर करें हाथी से दोस्‍ती ....
मौत के चंगुल में वाटसन का परिवार ... फुलबगिया
तितली में है चंचल चपल कठपुतली भी ...
निन्‍ना रानी को बुला रहा है कौन ....बाल-मंदिर में ...
बच्‍चों की दुनिया बहुत प्‍यारी है ... इस बार तो इतने ही लिंक्‍स कुछ शेष हैं 


अगली बार के लिए ...चलने से पहले ... एक खास शख्सियत से रूबरू होंगे ...
 वो हैं आदरणीय प्रवीण पाण्‍डेय जी सबसे पहले तो हलचल के सभी सदस्‍यों एवं पाठकों की तरफ से सम्‍मान करते हुए उनका शुक्रिया अदा करते हैं आपके प्रोत्‍साहन से हम निरन्‍तर आगे बढ़ रहे हैं ... दो शब्‍द उनके बारे में ...
आप सभी उनसे व उनके लेखन से बखूबी परिचित हैं ... आपकी विशेषताएं कलम के धनी तो आप हैं ही तकनीकि ज्ञान हो या अपनों के लिए स्‍नेह सभी को साझा करते हैं ..हर ब्‍लॉग पर आपकी उपस्थिति लेखन को प्रोत्‍साहित करती है ..आभार के साथ बहुत-बहुत शुभकामनाएं ।
मां
इसे पढ़कर आपको इनके बारे में कुछ और भी पता चलेगा आइए नजर डा‍लते हैं इनके ब्‍लॉग पर ...

आप सभी की प्रतिक्रियाओं का इन्‍तजार रहेगा ... इस गीत के साथ इजाजत सदा को इजाजत दीजिए ...




22 comments:

  1. बच्चों के ब्लोग्स के लिनक्स का सुंदर संकलन सदाजी..
    चैतन्य को शामिल किया आभार...

    प्रवीणजी के ब्लॉग की नियमित पाठक हूँ... उनका लेखन,
    ब्लोग्स पर उनकी उपस्थिति और सारगर्भित टिप्पणियां सभी को प्रोत्साहित करती हैं...

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  2. बहुत सुन्दरता से आपने लिंक्स का संकलन किया है .....आदरणीय प्रवीण जी के ब्लॉग पर तो अक्सर जाना होता है ..उनके द्वारा दी गयी सारगर्भित टिप्पणियाँ निश्चित रूप से मार्गदर्शन करती हैं....!

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  3. सदा जी कुछ अलग सा बहुत बढ़िया प्रयास है आपका ....अच्छा लगा ....प्रवीन जी के ब्लॉग को नियमित पढ़ती हूँ ...जानकारी से भरपूर और रोचकता से भरपूर .....शुभकामनायें सदा जी आपके इस प्रयास के लिए ...

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  4. आज तो हम सबकी हलचल है यहाँ .... थैंक यू....

    प्रवीण अंकल तो हम बच्चों के ब्लोग्स पर आना भी नहीं भूलते :)

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  5. माँ पर लिखी पोस्ट पुनः पढ़कर मन नम हो गया। आभार आपका।

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  6. सदा जी ,
    आज की विशेष हलचल ने सच ही हलचल मचा दी ... प्रवीण जी के लेखों की नियमित पाठिका हूँ ...पर माँ पर लिखी पोस्ट पहले नहीं पढ़ी थी ..मन भर आया ..आभार

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  7. sare links boht khatte meethe the, padh ke or sabhi bacho se mil ke boht khushi huo

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  8. सदा जी अभिवादन और बहुत बहुत आभार आप का लकड़ी की काठी काठी पे घोडा ..नन्हे मुन्नों के लिए आप का ये प्रेम ये जज्बा ये म्हणत भरा कार्य सुन्दर लिंक आनंद और प्रेरणा दाई ..
    आप ने बाल झरोखा सत्यम की दुनिया को भी चुना ..नानी का प्यार सच में भूलता कहाँ है ?
    बचपन के वे दिन ...
    भ्रमर ५

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  9. नन्हे मुन्नों के लिए आप का ये प्रेम ये जज्बा ये मेहनत भरा कार्य सुन्दर लिंक

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  10. वाह …………ये तो बहुत सुन्दर अन्दाज़ रहा हलचल का।

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  11. आ. सदा जी
    आज की हलचल का आपका यह प्रयास बहुत अच्छा लगा। बच्चों की अपनी एक निश्छल दुनिया होती है जिसमे हमेशा के लिए खो जाने को मन करता है।

    सादर

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  12. आदरणीय महोदया
    प्रेम की उपासक अमृता जी उनकी सांस्कृतिक विरासत को बचाये रखने के लिये कोई अभियान अवश्य चलायें। पहली पहल करते हुये भारत के राष्ट्रपति को प्रेषित अपने पत्र की प्रति आपको भेज रहा हूँ । उचित होगा कि आप एवं अन्य साहित्यप्रेमी भी इसी प्रकार के मेल भेजे । अवश्य कुछ न कुछ अवश्य होगा इसी शुभकामना के साथ महामहिम का लिंक है
    भवदीय
    (अशोक कुमार शुक्ला)

    महामहिम राष्ट्रपति जी का लिंक यहां है । कृपया एक पहल आप भी अवश्य करें!!!!

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  13. आदरणीय महोदय
    अमृता जी का हौजखास के घर को सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने हेतु अनेक लोगों ने महामहिम से अपनी गुजारिश की है । आपके सहयोग से इस मुहिम को और अधिक बल मिल सकता है । अधिक से अधिक पाठको तक पहुँचने के उद्देश्य से मेरे द्वारा हिन्दी दैनिक नवभारत टाइम्स पर भी इसके संदर्भ में मुहिम चलायी जा रही है जिसका लिंक इस प्रकार है।
    कृपया आप भी इसे अवश्य देखकर अपने बहुमूल्य सुझाव अवश्य दें!!!!

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  14. बहुत अच्छा लगा नई पुरानी हलचल पर आकर। खासतौर से इसलिये भी कि बच्चों के कुछ ऐसे ब्लाग्स की भी जानकारी मिल सकी जहां तक मैं अभी तक नहीं पहुंच सका था।

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  15. बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!

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  16. sundar prastuti...

    ***punam***
    bas yun....hi...
    tumhare liye...

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  17. बहुत सुन्दर प्रयास. सुन्दर लिंक्स ..मेरी रचना शामिल करने के लिये आभार..

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ब्लॉग्स्पॉट मे चल रही कुछ तकनीकी गड़बड़ी से कुछ कमेंट्स स्पैम मे जा रहे हैं जिन्हें तत्काल प्रकाशित करने का प्रयास रहता है फिर भी यदि आपका कमेन्ट यहाँ तत्काल न दिखाई दे तो निश्चिंत रहें आपका कमेन्ट प्रकाशित ज़रूर होगा।

आशा है सहयोग बनाए रखेंगे।