Saturday, July 16, 2011

कुछ सावन की है हलचल ..

  • नमस्कार आज मैं  anupamassukrity से
    अनुपमा त्रिपाठी फिर हाज़िर हूँ  नई -पुरानी हलचल  पर कुछ सावन की है हलचल लेकर ....
    .....




  1. अनुपमा पाठक जी कहतीं हैं सावन आ गया है तो.....  इन्द्रधनुष खिल जायेंगे...
  2.  निलेश माथुर जी कह रहे हैं आवारा बदल पर हाँ मुझे प्रेम है ...किससे...?
  3.   कविता जी की कविता पढ़िए ..अनछुआ स्पर्श सिहरन दे गया....
  4.  प्राची के पार पर  दर्पण साह जी की पढ़ते हैं .....डिवाइन कॉन्सपिरेसी 
  5. हेमंत कुमार जी फुलबगिया पर बुला रहे  हैं ..काले मेघा आओ न ... 
  6. झूम उठा है सुमन जी का बावरा मन ,,के ..तुम आये हो ...!!
  7. सुज्ञ जी बता रहे हैं ...चार  अक्षय मुक्ता ...!!
  8. समय चक्र पर है पंचतंत्र से रोचक कहानी ..नक़ल की मार ..
  9. रामेश्वर कम्बोज हिमांशु  जी की चिंता करना..वाजिब है .. पढ़े.....?
  10.  अब साधना पर कबीर के श्लोक पढ़ते हैं ...
आज के लिए इतना ही ...अब अगली हलचल तक के लिए नमस्कार ....!!



      24 comments:

      1. बहुत-बहुत बधाई ||
        प्रभावी प्रस्तुति |

        ReplyDelete
      2. आपकी सावन की हलचल मस्त है,अनुपमा जी.
        आपकी 'चंचल मन..' भी तो होनी चाहिये थी इसमें.

        ReplyDelete
      3. शास्त्री जी पहली रचना अनुपमा पाठक जी की है ...मैं तो अनुपमा त्रिपाठी हूँ ....!!

        ReplyDelete
      4. bahut bahut aabhar Anupma ji...apne सावन की हलचल mein mujhe bhi shamil karne ke liye...:)

        ReplyDelete
      5. बहुत सुन्दर लिंक्स...

        ReplyDelete
      6. सावन की हलचल खूब रही।

        ReplyDelete
      7. रोचक सामग्रीयुक्त रोचक लिंक्स...

        ReplyDelete
      8. रोचक सामग्रीयुक्त रोचक लिंक्स....

        ReplyDelete
      9. शास्त्री जी की नजर 'अनुपमा'जी पर है,'पाठक' और 'त्रिपाठी' का भेद नहीं हैं उनके पास.
        एक सुन्दर सी कविता भी लिख डालें शायद इसपर भी वे.

        ReplyDelete
      10. बहुत ही अच्छे लिंक्स दिये हैं आपने.

        बहुत बहुत धन्यवाद.


        सादर

        ReplyDelete
      11. बहुत खूब !!सावन की हलचल...

        ReplyDelete
      12. बहुत ही सुन्दर लिंकों से सजी सधी हुई चर्चा ... एक लैना चर्चा हेतु बधाई ...

        ReplyDelete
      13. अनुपमा जी,
        रोचक प्रस्तुति, अभिनव लिंक्स!!
        मेरे 'चार मोतीओं' को स्थान देने हेतु आभार

        ReplyDelete
      14. आपके इअतने स्नेह भाव और सम्मान के लिए हृदय से कृतज्ञ हूँ ।

        ReplyDelete
      15. कई पुरानी कहानी पहली बार पढ़ी।

        ReplyDelete
      16. वाह ...बेहतरीन लिंक्‍स के साथ अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

        ReplyDelete
      17. सुंदर चर्चा, आभार ।

        ReplyDelete
      18. अनुपमा जी , सुंदरता से माला पिरोई है.

        ReplyDelete
      19. bahut bahut shukriya ..meri kavita ko sthan dene ke liye..

        ReplyDelete
      20. सावन की हलचल पसंद करने के लिए आभार ..श्रवण मास आप सभी के लिए मंगलमय हो ऐसी कामना करती हूँ ...!!

        ReplyDelete
      21. बहुत बधाई... एक बहुत सुन्दर साफ़ पोस्ट ..लिंक्स बहुत अच्छे चुनिन्दा

        ReplyDelete
      22. मेरी कविता को 'कुछ सावन की है हलचल' में स्थान देने के लिए आभार!

        ReplyDelete


      ब्लॉग्स्पॉट मे चल रही कुछ तकनीकी गड़बड़ी से कुछ कमेंट्स स्पैम मे जा रहे हैं जिन्हें तत्काल प्रकाशित करने का प्रयास रहता है फिर भी यदि आपका कमेन्ट यहाँ तत्काल न दिखाई दे तो निश्चिंत रहें आपका कमेन्ट प्रकाशित ज़रूर होगा।

      आशा है सहयोग बनाए रखेंगे।